लाल किताब के धन प्रप्ति के सरल एवं अचूक उपाये, जो इन्हे करे वो सफलता के शिखर पे ऊँचा जाए

लाल किताब के धन प्रप्ति के सरल एवं अचूक उपाये, जो इन्हे करे वो सफलता के शिखर पे ऊँचा जाए

लाल किताब के धन प्रप्ति के सरल एवं अचूक उपाये, जो इन्हे करे वो सफलता के शिखर पे ऊँचा जाए | Laal kitaab ke dhan prapti ke saral evam achook upaaye, jo inhe kare woh safalta ke shikhar pe uncha jaaye

* तिल के तेल का दीपक शुक्रवार संध्या (friday evening) से प्रतिदिन लगाना दीपक की बाती उत्तर दिशा में रखना। बाती मोली की लगाना।

* गुरूवार के दिन केले के पेड़ (banana tree) पर घी का दीपक जलाना और धूपबत्ती जलाना, जल में एक चम्मच दूध (milk), शक़्कर , गुड़ मिला कर चढ़ाना।

* पूर्णिमा को पीपल के पेड़ (peepal tree) पर प्रातः 10 बजे घी का दीपक, धूपबत्ती व गुलाब (rose) की माला चढ़ावे माँ लक्ष्मी (mata laxmi ji) से अपने घर पर स्थाई निवास हेतु प्रार्थना करें।

* यदि आप प्रत्येक गुरूवार को तुलसी के पौधे में दूध (milk) अर्पित करें व दीपक जलाये तो अवश्य ही आर्थिक (financially) रूप से सक्षम हो जायेंगे।

* शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को घर में श्रीसूक्त की ऋचाओ के साथ आहुति देने से भी लक्ष्मी (laxmi mata) का स्थाई वास होता है।

*  भोज से पहले नियमित रूप से तीन रोटी क्रमशः गाय (cow), कुत्ते (dog) और कौए (crow) के लिए निकाल दे तो आप कभी भी आर्थिक समस्या (financial problem) में नहीं आयेंगे।

* घर में दो केले के वृक्ष (banana tree- नर मादा ) लगाकर नियमित रूप से जल में दूध, शक़्कर , गुड़ मिलाकर अर्पित करें व दोनों समय शुद्ध घी (pure ghee) का दीपक अर्पित करने से भी माँ लक्ष्मी की कृपा बनती है ,

* बुधवार (wednesday) को गाय को हरा चारा खिलाने से भी धन का मार्ग प्रशस्त होता है।

* यदि आपकी दुकान में ग्राहक (customer) तो बहुत आते है परन्तु बिना खरीदे चले जाते है तो आप अपनी दुकान (shop) पर अभिमंत्रित धनधना यंत्र को स्थान दें। इसके प्रभाव से ग्राहक खाली नहीं जायेगा।

* शनिवार की संध्या (saturday evening) को काले कुत्ते (black dog) को सरसों का तेल चुपड़कर रोटी खिलाये, लक्ष्मी प्राप्ति का सही सूत्र है।

* यदि आपका व्यापार (business) अधिक नहीं चल रहा है तथा उसमें बाधायें (problems) बहुत आ रही है तो आप दीवाली की रात में अभिमंत्रित ” व्यापार वृद्धि यंत्र “ को पंचामृत से शुद्ध कर नागकेशर अर्पित करें व मूँगे की माला से निम्न मंत्र का जाप करें : ” 

ॐ श्रीं सर्वविघ्न हरस्तमे गणाधिपतये नमः

“ इस उपाय से आपके व्यवसाय में जो गति आयेगी उसे आप स्वयं महसूस करेंगे।

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