<h1 class="entry-title">Category: Tenaliram ki Kahaniya</h1>

Tenaliram aur Bhairav Chii | तेनालीराम और भैरव छी

एक बार किसी मुस्लिम (mohammedan) रियासत का सुक्का नामक एक पहलवान ( Bodybuilder ) विजय नगर में आ घुसा । वह सुबह-शाम (day and evening ) नगर के मुख्य चौराहों पर लंगोट घुमाता (round ) और जब भीड़ ( crowd ) इकट्‌ठी हो जाती तो ललकार कर कहता : ”है कोई विजय नगर ( Vijay […]

Tenaliram Baitho Peeth Par | तेनालीराम बैठो पीठ पर

Tenaliram Baitho Peeth Par | तेनालीराम बैठो पीठ पर एक दिन महाराज (maharaj) कृष्णदेव राय की अंगूठी का बहुमूल्य हीरा महल में ही कहीं खो  गया । महाराज (maharaj) बहुत परेशान हुए । उन्होंने तुरन्त महल के सेवकों और सैनिकों को हीरा खोने की बात बताई और आदेश दिया कि हीरा ढूंढने के लिए महल […]

TenaliRam Aur Apradhi Bakri | तेनालीराम और अपराधी बकरी

TenaliRam Aur Apradhi Bakri | तेनालीराम और अपराधी बकरी एक बार महाराज (maharaj) कृष्णदेव राय ने अपनी कश्मीर यात्रा के दौरान सुनहरी फूलवाला एक पौधा देखा । वह फूल उन्हें इतना पसंद आया कि लौटते समय उसका एक पौधा वह अपने बगीचे के लिए भी ले आए । विजय नगर (vijay nagar)वापस आकर उन्होंने माली […]

Tenaliram Range Haath Pakde Gaye | तेनालीराम रंगे हाथ पकड़े गए

Tenaliram Range Haath Pakde Gaye | तेनालीराम रंगे हाथ पकड़े गए यह मुहावरा सदियों से चला आ रहा है : ”रंगे हाथों पकड़े जाना ।” आखिर ये मुहावरा कब और कैसे बना ? हमारा खयाल है कि इस घटना के बाद ही यह बना होगा-एक दिन दरबार (darbar) की कार्यवाही चल रही थी कि नगर […]

Tenaliram aur Jaade ki Mithai | तेनालीराम और जाड़े की मिठाई

Tenaliram aur Jaade ki Mithai | तेनालीराम और जाड़े की मिठाई सर्दियों का मौसम था । महाराज (maharaj), तेनालीराम (tenaliram) और राजपुरोहित (purohit) राजमहल के उद्यान में बैठे धूप सेंक रहे थे । अचानक महाराज (maharaj) बोले : ”सर्दियों का मौसम सबसे अच्छा होता है, खूब खाओ और सेहत बनाओ ।” खाने-पीने की बात सुनकर […]

Tenaliram Main Murga Baaki Murgiya | तेनालीराम मैं मुर्गा बाकी मुर्गियां

Tenaliram Main Murga Baaki Murgiya | तेनालीराम मैं मुर्गा बाकी मुर्गियां विजय नगर (vijay nagar)राज्य के वित्तीय नियमों के अनुसार व्यक्ति की व्यक्तिगत आय पर भी तन्यकर लगता था । जो जैसा ‘कर’ देता था, राज्य की ओर से उसे वैसी ही विशेष सुविधाएं दी जाती थीं । राजकीय प्रशस्ति में उसके नाम का उल्लेख […]

Tenaliram aur Rasgulle ki Jad | तेनालीराम और रसगुल्ले की जड़

Tenaliram aur Rasgulle ki Jad | तेनालीराम और रसगुल्ले की जड़ विजय नगर (vijay nagar)की समृद्धि का कारण वहां की व्यापार नीतियां थीं । हिन्दुस्तान में ही नहीं ईरान और बुखारा जैसे देशों से महाराज (maharaj) की व्यापार सन्धि थी । ऐसे ही व्यापार के सिलसिले में एक बार ईरान का व्यापारी (businessman) मुबारक हुसैन […]

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